खींची जो उस ने आँख में काजल की इक लकीर मैं ने भी अपने सीने पे इक हाथ रख लिया
Related Sher
शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
435 likes
चाँदी सोना एक तरफ़ तेरा होना एक तरफ़ एक तरफ़ तेरी आँखें जादू टोना एक तरफ़
Gyan Prakash Akul
555 likes
तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
401 likes
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
339 likes
More from Mukesh Jha
तेरा बदन तो सलामत रहे मगर दिल को मेरे इन अश्कों की बारिश के बा'द ज़ंग लगे है इंतिक़ाम से मतलब मुझे तो रंग-ए-बहार ये बद-दुआ है मेरी तू ख़िज़ाँ का रंग लगे
Mukesh Jha
2 likes
मैं मोहब्बत में नहीं पड़ता मगर अब के बरस आज़माना है मुझे अपना हुनर अब के बरस
Mukesh Jha
10 likes
ले रहा था मैं ज़िन्दगी के मज़े फिर वो बोली कि अब मेरी बारी
Mukesh Jha
11 likes
इक रिवायत थी निभानी सो निभा दी मैं ने छोड़ कर जाते हुए ख़ूब दुआ दी मैं ने उस को बस इतना ही कह पाया कि ख़ुश रहना और दिल की दीवार से तस्वीर हटा दी मैं ने
Mukesh Jha
7 likes
मैं कहीं गुम हूँ आजकल शायद जल गए होंठ चाय पीते हुए
Mukesh Jha
17 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Mukesh Jha.
Similar Moods
More moods that pair well with Mukesh Jha's sher.







