मैं कहीं गुम हूँ आजकल शायद जल गए होंठ चाय पीते हुए
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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मैं क्या कहूँ के मुझे सब्र क्यूँँ नहीं आता मैं क्या करूँँ के तुझे देखने की आदत है
Ahmad Faraz
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ये किस ने बाग़ से उस शख़्स को बुला लिया है परिंद उड़ गए पेड़ों ने मुँह बना लिया है उसे पता था मैं छूने में वक़्त लेता हूँ सो उस ने वस्ल का दौरानिया बढ़ा लिया है
Tehzeeb Hafi
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तुम्हारे नाम की हर लड़की से मिला हूँ मैं तुम्हारा नाम फ़क़त तुम पे अच्छा लगता है
Unknown
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तेरा बदन तो सलामत रहे मगर दिल को मेरे इन अश्कों की बारिश के बा'द ज़ंग लगे है इंतिक़ाम से मतलब मुझे तो रंग-ए-बहार ये बद-दुआ है मेरी तू ख़िज़ाँ का रंग लगे
Mukesh Jha
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इक रिवायत थी निभानी सो निभा दी मैं ने छोड़ कर जाते हुए ख़ूब दुआ दी मैं ने उस को बस इतना ही कह पाया कि ख़ुश रहना और दिल की दीवार से तस्वीर हटा दी मैं ने
Mukesh Jha
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जितना था सब गँवा दिया मैं ने इश्क़ भी, दोस्त भी, ज़माना भी
Mukesh Jha
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ले रहा था मैं ज़िन्दगी के मज़े फिर वो बोली कि अब मेरी बारी
Mukesh Jha
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इतनी शोहरत तो मेरी आज भी इस शहर में है एक पत्ता न हिले मेरी इजाज़त के बग़ैर
Mukesh Jha
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