ख़ुद से नाराज़ ज़माने से ख़फ़ा रहते हैं जाने क्या सोच के हम सब से जुदा रहते हैं
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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होश वालों को ख़बर क्या बे-ख़ुदी क्या चीज़ है इश्क़ कीजे फिर समझिए ज़िंदगी क्या चीज़ है
Nida Fazli
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बात करो रूठे यारों से सन्नाटों से डर जाते हैं प्यार अकेला जी लेता है दोस्त अकेले मर जाते हैं
Kumar Vishwas
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मंज़िलें क्या हैं, रास्ता क्या है हौसला हो तो फ़ासला क्या है
Aalok Shrivastav
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उस को फ़ुर्सत नहीं मिलती कि पलट कर देखे हम ही दीवाने हैं दीवाने बने रहते हैं
Waseem Barelvi
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मुरझा गया गुलाब तो अफ़सोस ये हुआ नाहक़ जुदा किया उसे शाख़ों से तोड़ कर
Gulshan
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जब भी मिलते हैं तहे दिल से दुआ देते हैं ऐसे होते हैं मोहब्बत को निभाने वाले
Gulshan
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भूखे थे और भूखे ही रह जाएँगे मर जाएँगे हाथ नहीं फैलाएँगे
Gulshan
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छोड़ रहे हो अच्छा है तुम तो ये भी कर सकते हो मैं तो जिस से मिल जाता हूँ साथ निभाने लगता हूँ
Gulshan
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बड़ा चालाक बनकर के मेरी ता'रीफ़ करता था ज़रूरत से अधिक ता'रीफ़ भी अच्छी नहीं होती
Gulshan
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