किलों को जीतने का दम भले तलवार में है दिलों को जीतने का दम मगर बस प्यार में है
Related Sher
शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
435 likes
तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
401 likes
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
545 likes
हज़ारों साल नर्गिस अपनी बे-नूरी पे रोती है बड़ी मुश्किल से होता है चमन में दीदा-वर पैदा
Allama Iqbal
207 likes
More from Kaviraj " Madhukar"
ज़रा वो पास क्या आने लगा मेरे मुझे लगने लगा सब मिल गया मुझ को
Kaviraj " Madhukar"
0 likes
ज़िन्दगी भर बस तिरी चाहत करेंगे जान ए मन बस तुझे अपनी दिली आदत करेंगे जान ए मन
Kaviraj " Madhukar"
0 likes
उसी में क्यूँ हुए हो गुम बताओ हमारे क्यूँ नहीं हो तुम बताओ
Kaviraj " Madhukar"
0 likes
उसी पे दिल मिरा हारा बहुत है वही इक शख़्स तो प्यारा बहुत है किसी के आँसुओं से ही बना है समुन्दर ये तभी खारा बहुत है
Kaviraj " Madhukar"
0 likes
उस की बाँहो में ख़ुश हो तुम सच सच बतलाना जानेमन
Kaviraj " Madhukar"
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Kaviraj " Madhukar".
Similar Moods
More moods that pair well with Kaviraj " Madhukar"'s sher.







