किसी के साथ वो दो पाँव आज चलने लगे हम अपनी आँख के साथ हाथ भी मसलने लगे
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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भीगीं पलकें देख कर तू क्यूँँ रुका है ख़ुश हूँ मैं वो तो मेरी आँख में कुछ आ गया है ख़ुश हूँ मैं वो किसी के साथ ख़ुश था कितने दुख की बात थी अब मेरे पहलू में आ कर रो रहा है ख़ुश हूँ मैं
Zubair Ali Tabish
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ले दे के अपने पास फ़क़त इक नज़र तो है क्यूँँ देखें ज़िंदगी को किसी की नज़र से हम
Sahir Ludhianvi
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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तुम बहुत ख़ुश रहोगी मेरे साथ वैसे हर इक की अपनी मर्ज़ी है
Tehzeeb Hafi
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अगर तू ख़ुश है मेरी हार से तो मेरी हर जीत से नफ़रत है मुझ को
Shadab Javed
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इक प्यासे की मौत हुई है अब पानी को दुख होगा
Shadab Javed
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मैं पहले झूठ पर हकलाया उस सेे फिर उस के बा'द माहिर हो गया था
Shadab Javed
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किसी ने अपने मुक़द्दर का रोना रोते हुए किसी के कार्ड के बोसे सँभल-सँभल के लिए
Shadab Javed
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ख़बर मिली है स्टेशन पर तुम भी आने वाली हो रेल को पीछे छोड़ दीया है साँसों की रफ़्तारों ने
Shadab Javed
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