किसी ने अपने मुक़द्दर का रोना रोते हुए किसी के कार्ड के बोसे सँभल-सँभल के लिए
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ले दे के अपने पास फ़क़त इक नज़र तो है क्यूँँ देखें ज़िंदगी को किसी की नज़र से हम
Sahir Ludhianvi
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मैं किसी तरह भी समझौता नहीं कर सकता या तो सब कुछ ही मुझे चाहिए या कुछ भी नहीं
Jawwad Sheikh
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उन की सोहबत में गए सँभले दोबारा टूटे हम किसी शख़्स को दे दे के सहारा टूटे ये अजब रस्म है बिल्कुल न समझ आई हमें प्यार भी हम ही करें दिल भी हमारा टूटे
Vikram Gaur Vairagi
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भीगीं पलकें देख कर तू क्यूँँ रुका है ख़ुश हूँ मैं वो तो मेरी आँख में कुछ आ गया है ख़ुश हूँ मैं वो किसी के साथ ख़ुश था कितने दुख की बात थी अब मेरे पहलू में आ कर रो रहा है ख़ुश हूँ मैं
Zubair Ali Tabish
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अपने दिल में बसाओगे हम को और गले से लगाओगे हम को हम नहीं इतने प्यार के क़ाबिल तुम तो पागल बनाओगे हम को
Abrar Kashif
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मैं पहले झूठ पर हकलाया उस सेे फिर उस के बा'द माहिर हो गया था
Shadab Javed
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अगर तू ख़ुश है मेरी हार से तो मेरी हर जीत से नफ़रत है मुझ को
Shadab Javed
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इक प्यासे की मौत हुई है अब पानी को दुख होगा
Shadab Javed
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मसअले का ये हल निकाला है ख़्वाहिशों को ही मार डाला है
Shadab Javed
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तेरे लब से जब तक पुकारा न जाऊँ मैं पंखे से तब तक उतारा न जाऊँ
Shadab Javed
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