किसी के साए को क़ैद करने का एक तरीक़ा बता रहा हूँ एक उस के आगे चराग़ रख दे, एक उस के पीछे चराग़ रख दे मैं दिल की बातों में आ गया और उठा के ले आया उस की पायल दिमाग़ देता रहा सदाएँ, चराग़ रख दे, चराग़ रख दे
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किसी गली में किराए पे घर लिया उस ने फिर उस गली में घरों के किराए बढ़ने लगे
Umair Najmi
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ये शहर-ए-अजनबी में अब किसे जा कर बताएँ हम कहाँ के रहने वाले हैं कहाँ की याद आती है
Ashu Mishra
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तुम पूछो और मैं न बताऊँ ऐसे तो हालात नहीं एक ज़रा सा दिल टूटा है और तो कोई बात नहीं
Qateel Shifai
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सुहागन भी बता देगी मगर तुम पूछो विधवा से ये मंगलसूत्र ज़ेवर के अलावा भी बहुत कुछ है ये क्या इक मक़बरे को आख़री हद मान बैठे हो मोहब्बत संग-ए-मरमर के अलावा भी बहुत कुछ है
Zubair Ali Tabish
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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जो लोग ख़ुद न करते थे होंठों से पान साफ़ पलकों से कर रहे हैं तेरा पायदान साफ़
Charagh Sharma
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रुकें तो धूप से नज़रें बचाते रहते हैं चलें तो कितने दरख़्त आते जाते रहते हैं
Charagh Sharma
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मैं होश-मंद हूँ ख़ुद भी सो मेरी ग़ज़लों में न रक़्स करता है आशिक़ न बाल खींचता है
Charagh Sharma
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बनाओ ताजमहल के ब-जाए ताश महल तमाम उम्र मुहब्बत करो गिराओ बनाओ
Charagh Sharma
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नापता हूँ मैं ख़यालात की गहराई को कौन समझेगा मेरी बात की गहराई को
Charagh Sharma
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