kisi ke tum ho kisi ka khuda hai duniya mein mere nasib mein tum bhi nahin khuda bhi nahin
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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ये बे-सबब नहीं आए हैं आँख में आँसू ख़ुशी का लम्हा कोई याद आ गया होगा
Akhtar Saeed Khan
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कौन जीने के लिए मरता रहे लो सँभालो अपनी दुनिया हम चले
Akhtar Saeed Khan
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जुर्म की तरह मोहब्बत को छुपा रक्खा है हम गुनहगार नहीं हैं ये बताएँ किस को रूठ जाते तो मनाना कोई दुश्वार न था वो तअ'ल्लुक़ ही न रक्खें तो मनाएँ किस को
Akhtar Saeed Khan
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दुश्मन-ए-जाँ ही सही साथ तो इक उम्र का है दिल से अब दर्द की रुख़्सत नहीं देखी जाती
Akhtar Saeed Khan
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हम ने माना इक न इक दिन लौट के तू आ जाएगा लेकिन तुझ बिन उम्र जो गुज़री कौन उसे लौटाएगा
Akhtar Saeed Khan
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