कितनी परियों की नसीहत ले कर ऐसी आँखें बनाई जाती हैं
Related Sher
कौन सी बात है तुम में ऐसी इतने अच्छे क्यूँँ लगते हो
Mohsin Naqvi
118 likes
मयख़ाने की क़द्र है मेरी नज़रों में इसने जाने कितनी मौतें टाली हैं
Harsh saxena
63 likes
दर्द ऐसा है कि जी चाहे है ज़िंदा रहिए ज़िंदगी ऐसी कि मर जाने को जी चाहे है
Kaleem Aajiz
62 likes
हर शे'र हर ग़ज़ल पे है ऐसी छाप तेरी तस्वीर बन रही है इक अपने आप तेरी तेरे लिए किसी को इतना दीवाना देखा लगने लगी है मुझ को चाहत भी पाप तेरी
Sandeep Thakur
61 likes
लाखों सद में ढेरों ग़म फिर भी नहीं हैं आँखें नम इक मुद्दत से रोए नहीं क्या पत्थर के हो गए हम
Azm Shakri
60 likes
More from Upendra Bajpai
उस ने पूछा याद हमारी आती है कोई अपनी बर्बादी को भूलता है
Upendra Bajpai
1 likes
ये जो कहने को कई लोग हैं मेरे अपने ये कई लोग तो ग़ैरों से भी वाबस्ता है
Upendra Bajpai
2 likes
अब के ऐसा हाल बनाया है मैं ने देखोगे तो सद में में आ जाओगे
Upendra Bajpai
1 likes
हाए वो तिल कि छोड़ो रहने दो ग़ैर-वाजिब है तज़किरा करना
Upendra Bajpai
1 likes
सोचा समझा इश्क़ नहीं करते हैं हम नादानों से नादानी हो जाती है
Upendra Bajpai
2 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Upendra Bajpai.
Similar Moods
More moods that pair well with Upendra Bajpai's sher.







