कोई कहता नहीं बुरा उस को मानते हैं सभी ख़ुदा उस को
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मुद्दतें गुज़र गई 'हिसाब' नहीं किया न जाने अब किस के कितने रह गए हम
Kumar Vishwas
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दिल ना-उमीद तो नहीं नाकाम ही तो है लंबी है ग़म की शाम मगर शाम ही तो है
Faiz Ahmad Faiz
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घर में भी दिल नहीं लग रहा काम पर भी नहीं जा रहा जाने क्या ख़ौफ़ है जो तुझे चूम कर भी नहीं जा रहा रात के तीन बजने को है यार ये कैसा महबूब है जो गले भी नहीं लग रहा और घर भी नहीं जा रहा
Tehzeeb Hafi
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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समुंदर जैसी आँखें उस की देखीं जब हमें क्यूँ दी है बीनाई समझ आई
AKASH
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तेरी यादों से भर जाती हैं आँखें मगर ये मन नहीं भरता हमारा
AKASH
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सब्ज़ रहता है पानी के बिन कुछ दिनों पेड़ इक दम से तो सूख जाता नहीं
AKASH
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किया वक़्त ने ठीक कुछ भी नहीं है तेरी याद का मसअला आज भी है
AKASH
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नयन में आप के जीवन बिताना है मुझे स्पेस स्टेशन बनाना है
AKASH
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