कोई पागल ही मोहब्बत से नवाज़ेगा मुझे आप तो ख़ैर समझदार नज़र आते हैं
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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ऊँचे नीचे घर थे बस्ती में बहुत ज़लज़ले ने सब बराबर कर दिए
Zubair Ali Tabish
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किसी भूके से मत पूछो मोहब्बत किस को कहते हैं कि तुम आँचल बिछाओगे वो दस्तर-ख़्वान समझेगा
Zubair Ali Tabish
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जहाँ तक आके तुम वापस गए हो वहाँ अब तक कोई पहुँचा नहीं है
Zubair Ali Tabish
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किसी का हाथ थाम लूँ मैं वो तन्हा मिल गया तो क्या कहूँगा
Zubair Ali Tabish
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चूड़ियाँ बेच के वो मेरे लिए लाई 'गिटार' तार छेड़ूँ तो खनकने की सदा आती है
Zubair Ali Tabish
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