कुछ एक ज़ख़्म तो ऐ चारा-गर हरे रखना बस इक यही तो निशानी है मेरे पास उन की
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कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
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कुछ न रह सका जहाँ विरानियाँ तो रह गईं तुम चले गए तो क्या कहानियाँ तो रह गईं
Khalil Ur Rehman Qamar
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मुझ को भी उन्हीं में से कोई एक समझ ले कुछ मसअले होते हैं ना जो हल नहीं होते
Ali Zaryoun
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मेरे होंटों पे अपनी प्यास रख दो और फिर सोचो कि इस के बा'द भी दुनिया में कुछ पाना ज़रूरी है
Waseem Barelvi
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वफ़ा जताता हुआ दिल की ओर आता हुआ हर एक शख़्स तेरा हम-शबीह लगता है
Manmauji
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किसी क़ीमत पर उन की आँख में आँसू नहीं मंज़ूर मगर ख़ुश हूँ कि वो कल ता-सहर मेरे लिए रोए
Manmauji
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तमाम मुश्किलें आती हैं लौट जाती हैं मेरी कलाई पे रेशम का देख कर धागा
Manmauji
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अगर हो नक़्ल में माहिर, तो दोहरा कर दिखाओ ये हमें तुम से मुहब्बत है, हमें तुम सेे मुहब्बत है
Manmauji
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मेरा तो ये इम्तिहाँ पर इम्तिहाँ लेती रही कौन हैं वो लोग जिन की ज़िंदगी गुलज़ार है
Manmauji
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