तमाम मुश्किलें आती हैं लौट जाती हैं मेरी कलाई पे रेशम का देख कर धागा
Related Sher
मंज़िलें क्या हैं, रास्ता क्या है हौसला हो तो फ़ासला क्या है
Aalok Shrivastav
152 likes
उस को फ़ुर्सत नहीं मिलती कि पलट कर देखे हम ही दीवाने हैं दीवाने बने रहते हैं
Waseem Barelvi
151 likes
मैं अगर अपनी जवानी के सुना दूँ क़िस्से ये जो लौंडे हैं मेरे पाँव दबाने लग जाए
Mehshar Afridi
136 likes
ये शहर-ए-अजनबी में अब किसे जा कर बताएँ हम कहाँ के रहने वाले हैं कहाँ की याद आती है
Ashu Mishra
117 likes
कैसा दिल और इस के क्या ग़म जी यूँँ ही बातें बनाते हैं हम जी
Jaun Elia
155 likes
More from Manmauji
किसी क़ीमत पर उन की आँख में आँसू नहीं मंज़ूर मगर ख़ुश हूँ कि वो कल ता-सहर मेरे लिए रोए
Manmauji
0 likes
अगर हो नक़्ल में माहिर, तो दोहरा कर दिखाओ ये हमें तुम से मुहब्बत है, हमें तुम सेे मुहब्बत है
Manmauji
0 likes
कुछ सबक़ पढ़ लिए किताबों से हम ने ज़िंदगी बात को अना पर ले बैठी
Manmauji
1 likes
वफ़ा जताता हुआ दिल की ओर आता हुआ हर एक शख़्स तेरा हम-शबीह लगता है
Manmauji
0 likes
मेरा तो ये इम्तिहाँ पर इम्तिहाँ लेती रही कौन हैं वो लोग जिन की ज़िंदगी गुलज़ार है
Manmauji
1 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Manmauji.
Similar Moods
More moods that pair well with Manmauji's sher.







