क्या गुरबत के क़िस्से भी छपते हैं अख़बारों में हम ने साँसों को भी बिकते देखा है गुब्बारों में
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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परों को खोल ज़माना उड़ान देखता है ज़मीं पे बैठ के क्या आसमान देखता है
Shakeel Azmi
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गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या क्या है मैं आ गया हूँ बता इंतिज़ाम क्या क्या है
Rahat Indori
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ज़िंदगी ये बता हम बदल जाएँ क्या बर्फ़ की तरह हम भी पिघल जाएँ क्या दर्द देने से वो बाज़ आते नहीं हम ही दिल से अब उन के निकल जाएँ क्या
Ashok Sagar
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मैं ने अपना लिया ग़ज़ल को जब शा'इरी ने मुझे ही छोड़ दिया
Ashok Sagar
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ज़िंदगी तू भी मेरे साथ सफ़र करती है देखना ये है कि कब तक के मगर करती है
Ashok Sagar
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प्यार से बात क्यूँ नहीं करते तुम मेरा साथ क्यूँ नहीं करते वा'दा करते हो रोज़ मिलने का पर मुलाक़ात क्यूँ नहीं करते
Ashok Sagar
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कोई मेरा साथी बन जाए अंधे की लाठी बन जाए मात पिता को ऐसे पूजो सारा घर काशी बन जाए
Ashok Sagar
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