लबों में आ के क़ुल्फ़ी हो गए अश'आर सर्दी में ग़ज़ल कहना भी अब तो हो गया दुश्वार सर्दी में
Related Sher
तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
1279 likes
हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
563 likes
किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
594 likes
बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
751 likes
मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है
Tehzeeb Hafi
566 likes
More from Sarfaraz Shahid
ईद पर मसरूर हैं दोनों मियाँ बीवी बहुत इक ख़रीदारी से पहले इक ख़रीदारी के ब'अद
Sarfaraz Shahid
16 likes
हो सके तो तुम बचा लो अब भी देसी नस्ल को वर्ना पीछे सिर्फ़ ''शेवर'' मुर्ग़ियाँ रह जाएँगी
Sarfaraz Shahid
25 likes
फ़क़त रंग ही उन का काला नहीं है इसी क़िस्म की ख़ूबियाँ और भी हैं
Sarfaraz Shahid
26 likes
इस दौर के मर्दों की जो की शक्ल-शुमारी साबित हुआ दुनिया में ख़्वातीन बहुत हैं
Sarfaraz Shahid
18 likes
स्पैशलिस्ट पेन-किलर दे तो कौन सा? ''सारे जहाँ का दर्द हमारे जिगर में है''
Sarfaraz Shahid
25 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Sarfaraz Shahid.
Similar Moods
More moods that pair well with Sarfaraz Shahid's sher.







