le ke khat un ka kiya zabt bahut kuchh lekin thartharaate hue hathon ne bharam khol diya
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मसअला ये नहीं कि इश्क़ हुआ है हम को मसअला ये है कि इज़हार किया जाना है
Rajesh Reddy
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मेरे होंटों पे अपनी प्यास रख दो और फिर सोचो कि इस के बा'द भी दुनिया में कुछ पाना ज़रूरी है
Waseem Barelvi
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सैर कर दुनिया की ग़ाफ़िल ज़िंदगानी फिर कहाँ ज़िंदगी गर कुछ रही तो ये जवानी फिर कहाँ
Khwaja Meer Dard
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हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन दिल के ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख़याल अच्छा है
Mirza Ghalib
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हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
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यही है ज़िंदगी तो ज़िंदगी से ख़ुद-कुशी अच्छी कि इंसाँ आलम-ए-इंसानियत पर बार हो जाए
Jigar Moradabadi
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हमीं जब न होंगे तो क्या रंग-ए-महफ़िल किसे देख कर आप शरमाइएगा
Jigar Moradabadi
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दोनों हाथों से लूटती है हमें कितनी ज़ालिम है तेरी अँगड़ाई
Jigar Moradabadi
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जो तूफ़ानों में पलते जा रहे हैं वही दुनिया बदलते जा रहे हैं
Jigar Moradabadi
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जहल-ए-ख़िरद ने दिन ये दिखाए घट गए इंसाँ बढ़ गए साए
Jigar Moradabadi
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