लिखा था जिस के मुक़द्दर में वो, उसी का हुआ वो मेरा होना नहीं था मेरा हुआ भी नहीं
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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अपनी आदत है अगर होना तो बस एक दिल का कहने वाले इसी आदत को वफ़ा कहते हैं
Hasan Raqim
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न हाथ आगे करूँँ सामने सिवाए तेरे न इतना देना कि मुझ को ग़ुरूर आ जाए
Hasan Raqim
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तन्हाई हो, हिज्र हो, बातें करने को तरसे ये दिल, इश्क़ हुआ वो जिस में ये हालात मुसलसल रहते हों
Hasan Raqim
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तस्वीर इक जला के बुझाता रहा हूँ मैं उस के ही पास लौट के जाता रहा हूँ मैं ये ना-तमाम ख़्वाब हक़ीक़त हों किस तरह हर पल तो अपनी नींद उड़ाता रहा हूँ मैं
Hasan Raqim
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ब-मंज़िल पर हूँ मगर ये मकाँ मंज़िल नहीं लगता सफ़र को भी मिरा अब कोई मुस्तक़बिल नहीं लगता
Hasan Raqim
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