लिखी थी जो तुम्हें बेनाम सी वो चिट्ठियाँ हैं कहीं थोड़ी शिकायत है कहीं कुछ अर्ज़ियाँ हैं तुम्हारे बा'द दिल में याद ठहरी और घर में जले फ़िल्टर रखे हैं और थोड़ी तीलियाँ हैं
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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निभाओगी जो तुम वा'दा करोगी वफ़ा का या कहीं सौदा करोगी जिसे तुम ढूँढती रहती हो मुझ में मिला वो ग़ैर में तो क्या करोगी
Shan Sharma
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इश्क़ पनपेगा तो फिर अश्कों की होंगी बारिशें पेड़ लगने पर कभी सूखी ज़मीं रहती नहीं
Shan Sharma
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ज़ख़्म तुझ को नवाज़ दूँ भी गर पर न धोखा मैं दिलरुबा दूँगा
Shan Sharma
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बा'द मुद्दत वो मिलने आते हैं ख़्वाब पहले दिखाए जाते हैं फ़ासले याद के सबब तो हैं हाँ मगर दिल बहुत जलाते हैं
Shan Sharma
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आँसू आ कर ग़म को ऐसे धो जाते गंगा माँ धोती हैं जैसे पापों को
Shan Sharma
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