महज़ आशिक़ है दीवाने नहीं हैं वे जो मय-ख़ाने में बैठे हैं जो दीवाने हैं वे माशूक़ की बाँहों में वीराने में बैठे हैं
Related Sher
हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
333 likes
हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
373 likes
कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
354 likes
मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
388 likes
जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
368 likes
More from Aatish Indori
मोहब्बत ने मुझे औक़ात दिखला दी ज़रूरी क्यूँँ है धन ये बात सिखला दी
Aatish Indori
0 likes
एक बच्चे की तरह सच्चे थे जब हमारे मकान कच्चे थे
Aatish Indori
0 likes
पहले जीभ में काँटा गाड़ा जाएगा बा'द में इत्मीनान से काटा जाएगा
Aatish Indori
1 likes
कुछ नहीं कहती हो पर ठीक नहीं था सोनम यार का मछली पकड़ना मेरा चारा बनना
Aatish Indori
1 likes
मेरे ज़िंदा होने पर हैरान मत हो एक वादे को निभाया जा रहा है
Aatish Indori
1 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Aatish Indori.
Similar Moods
More moods that pair well with Aatish Indori's sher.







