मैं आज सोग मनाना सिखाने वाला हूँ इधर को आएँ जिन्हें महव-ए-यास होना है
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माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख
Allama Iqbal
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ये दुख अलग है कि उस सेे मैं दूर हो रहा हूँ ये ग़म जुदा है वो ख़ुद मुझे दूर कर रहा है तेरे बिछड़ने पर लिख रहा हूँ मैं ताज़ा ग़ज़लें ये तेरा ग़म है जो मुझ को मशहूर कर रहा है
Tehzeeb Hafi
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मर चुका है दिल मगर ज़िंदा हूँ मैं ज़हर जैसी कुछ दवाएँ चाहिए पूछते हैं आप आप अच्छे तो हैं जी मैं अच्छा हूँ दुआएँ चाहिए
Jaun Elia
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या क्या है मैं आ गया हूँ बता इंतिज़ाम क्या क्या है
Rahat Indori
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ये आशिक़ी तिरे बस की नहीं सो रहने दे कि तेरा काम तो बस ना-सिपास होना है
Rahul Jha
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अज़ल से मेरी हिफ़ाज़त का फ़र्ज़ है उन पर सभी दुखों को मेरे आस-पास होना है
Rahul Jha
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कुछ इस अदास मोहब्बत-शनास होना है ख़ुशी के बाब में मुझ को उदास होना है
Rahul Jha
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मुझ को बीमार करेगी तिरी आदत इक दिन और फिर तुझ से भी अच्छा नहीं हो पाऊँगा
Rahul Jha
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मुझ में इतनी नहीं तासीर मसीहाई की ज़ख़्म भर सकता हूँ ईसा नहीं हो पाऊँगा
Rahul Jha
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