मैं इक ख़याल की दुनिया का शाहज़ादा हूँ मेरे ख़याल की क्यारी का फूल थी तुम भी मैं एक बार मोहब्बत में फिर शिकस्ता रहा सो बेबसी में ये कहता हूँ भूल थी तुम भी
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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उस ने ज़बाँ से कह तो दिया अलविदा मगर बस एक बार आँख भी कह दे तो और बात
Armaan khan
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हर एक चीज़ वहीं है जहाँ पे छोड़ी थी बस एक घर ही नहीं आ रहा नज़र घर में
Armaan khan
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हमारी अपनी मर्ज़ी है हमारी अपनी दुनिया है तुम्हारे रंग में ढल जाऊँगा सोचा ही क्यूँ तुम ने
Armaan khan
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ऐ दिल-ए-हक़ शनास दुनिया है न लगा इस सेे आस, दुनिया है रूह को है तेरी ख़ुदा की तलब और तेरे आस पास दुनिया है
Armaan khan
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बाहर अक्सर शोर-शराबा रहता है अंदर इक ख़ामोशी पलती रहती है हम से इक अंदाज़ नहीं बदला जाता दुनिया कैसे रंग बदलती रहती है
Armaan khan
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