ऐ दिल-ए-हक़ शनास दुनिया है न लगा इस सेे आस, दुनिया है रूह को है तेरी ख़ुदा की तलब और तेरे आस पास दुनिया है
Related Sher
तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
401 likes
उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
361 likes
देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
300 likes
क्या ख़बर कौन था वो, और मेरा क्या लगता था जिस सेे मिल कर मुझे, हर शख़्स बुरा लगता था
Tehzeeb Hafi
444 likes
ये दुख अलग है कि उस सेे मैं दूर हो रहा हूँ ये ग़म जुदा है वो ख़ुद मुझे दूर कर रहा है तेरे बिछड़ने पर लिख रहा हूँ मैं ताज़ा ग़ज़लें ये तेरा ग़म है जो मुझ को मशहूर कर रहा है
Tehzeeb Hafi
394 likes
More from Armaan khan
हर एक चीज़ वहीं है जहाँ पे छोड़ी थी बस एक घर ही नहीं आ रहा नज़र घर में
Armaan khan
0 likes
उस ने ज़बाँ से कह तो दिया अलविदा मगर बस एक बार आँख भी कह दे तो और बात
Armaan khan
0 likes
आपसे राबता था पहले कोई ओह, हाँ, याद आया, कैसे हो
Armaan khan
0 likes
तेरी क़िस्मत कहाँ-कहाँ, और मैं एक वीरान सा मकाँ और मैं दूर तक आ रहा नज़र कुछ तो एक सिगरेट का धुआँ और मैं
Armaan khan
0 likes
सब को हासिल होने में कुछ मजबूरी क़ाएम रख सब सेे रिश्ते रख लेकिन सब सेे दूरी क़ाएम रख
Armaan khan
1 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Armaan khan.
Similar Moods
More moods that pair well with Armaan khan's sher.







