हमारी अपनी मर्ज़ी है हमारी अपनी दुनिया है तुम्हारे रंग में ढल जाऊँगा सोचा ही क्यूँ तुम ने
Related Sher
बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
751 likes
किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
594 likes
कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
354 likes
तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
339 likes
तुम बहुत ख़ुश रहोगी मेरे साथ वैसे हर इक की अपनी मर्ज़ी है
Tehzeeb Hafi
357 likes
More from Armaan khan
उस ने ज़बाँ से कह तो दिया अलविदा मगर बस एक बार आँख भी कह दे तो और बात
Armaan khan
0 likes
तेरी क़िस्मत कहाँ-कहाँ, और मैं एक वीरान सा मकाँ और मैं दूर तक आ रहा नज़र कुछ तो एक सिगरेट का धुआँ और मैं
Armaan khan
0 likes
हर एक चीज़ वहीं है जहाँ पे छोड़ी थी बस एक घर ही नहीं आ रहा नज़र घर में
Armaan khan
0 likes
यार सिगरेट जलाओ के बहुत दर्द है आज सर्द सी रात है बारिश है हवा चल रही है कोई पूछे कि ये सब क्या है तो कह देना उसे बच तो निकले हैं मोहब्बत से दवा चल रही है
Armaan khan
1 likes
यार कश्ती है बहुत दूर, किनारा है कोई डूबने वाले को तिनके का सहारा है कोई अजनबियत के मकड़जाल में उलझे हुए हम ख़ुदस ही पूछ रहे हैं कि तुम्हारा है कोई
Armaan khan
1 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Armaan khan.
Similar Moods
More moods that pair well with Armaan khan's sher.







