मन के सारे सपने सपने रह गए कितने थे हम और कितने रह गए जल चुका सब फिर भी ऐसा लगता है कोयले कुछ अब भी तपने रह गए
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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कोई इतना प्यारा कैसे हो सकता है फिर सारे का सारा कैसे हो सकता है तुझ सेे जब मिल कर भी उदासी कम नहीं होती तेरे बग़ैर गुज़ारा कैसे हो सकता है
Jawwad Sheikh
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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
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तुम्हारा मेरी नाकामी से वाक़िफ़ होना बेहद ही ज़रूरी है तुम्हारा क़ामयाबी पर मेरी हैरान होने के लिए जानाँ
Jagat Singh
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वहीं पर मैं मरूँगा जिस जगह गाहे किसी को देख कर मुँह फेरा हो तू ने
Jagat Singh
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सो दफ़ा उस का नज़र-अंदाज़ करना बे-असर था एक हिचकी ने जगा रक्खी थी दिल में इतनी उम्मीद
Jagat Singh
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नहीं है कोई तेरे लौट के आने का अब आसार न जाने फिर भी क्यूँ मैं रोज़ तेरी राह तकता हूँ
Jagat Singh
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कैसे जानोगे मेरा हाल ए दिल इश्क़ मुझ को हुआ है तुम को नहीं
Jagat Singh
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