sherKuch Alfaaz

सो दफ़ा उस का नज़र-अंदाज़ करना बे-असर था एक हिचकी ने जगा रक्खी थी दिल में इतनी उम्मीद

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तेरे वादे से प्यार है लेकिन अपनी उम्मीद से नफ़रत है पहली ग़लती तो इश्क़ करना थी शा'इरी दूसरी हिमाक़त है

Mehshar Afridi

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उस को जो कुछ भी कहूँ अच्छा बुरा कुछ न करे यार मेरा है मगर काम मेरा कुछ न करे दूसरी बार भी पड़ जाए अगर कुछ करना आदमी पहली मोहब्बत के सिवा कुछ न करे

Abid Malik

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भरम रखा है तेरे हिज्र का वरना क्या होता है मैं रोने पे आ जाऊँ तो झरना क्या होता है मेरा छोड़ो मैं नइँ थकता मेरा काम यही है लेकिन तुम ने इतने प्यार का करना क्या होता है

Tehzeeb Hafi

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पहले ये काम बड़े प्यार से माँ करती थी अब हमें धूप जगाती है तो दुख होता है

Munawwar Rana

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जहाँ से जी न लगे तुम वहीं बिछड़ जाना मगर ख़ुदा के लिए बे-वफ़ाई न करना

Munawwar Rana

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