माना मुझ को प्यार जताना नईं आता पर ये न समझो साथ निभाना नईं आता जीवन भर के वादे कर के साथी से अगले ही पल हाथ छुड़ाना नईं आता
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ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
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क्या ख़बर कौन था वो, और मेरा क्या लगता था जिस सेे मिल कर मुझे, हर शख़्स बुरा लगता था
Tehzeeb Hafi
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अब मैं सारे जहाँ में हूँ बदनाम अब भी तुम मुझ को जानती हो क्या
Jaun Elia
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सब परिंदों से प्यार लूँगा मैं पेड़ का रूप धार लूँगा मैं तू निशाने पे आ भी जाए अगर कौन सा तीर मार लूँगा मैं
Tehzeeb Hafi
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ये मैं ने कब कहा कि मेरे हक़ में फ़ैसला करे अगर वो मुझ से ख़ुश नहीं है तो मुझे जुदा करे मैं उस के साथ जिस तरह गुज़ारता हूँ ज़िंदगी उसे तो चाहिए कि मेरा शुक्रिया अदा करे
Tehzeeb Hafi
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उस के लिए तुम हम से भी लड़ जाते हो और कहते हो वो मेरा कुछ लगता नहीं
Ambar
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ये मत सोचो केवल मैं हूँ इस दुनिया में सब ही दुखी हैं
Ambar
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तुम्हें है क्या लेना देना अंबर पागल है तो है
Ambar
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तुम्हें चाहिए थी बदन की महक हमारे लिए प्यार कुछ और है
Ambar
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क़िस्मत मेरी बारी में ही पता नहीं क्यूँ सो जाती है
Ambar
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