क़िस्मत मेरी बारी में ही पता नहीं क्यूँ सो जाती है
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अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
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नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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उस के लिए तुम हम से भी लड़ जाते हो और कहते हो वो मेरा कुछ लगता नहीं
Ambar
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सारी बात बता रक्खी है फिर दूरी भी बना रक्खी है साथ भी है और साथी भी नइँ कैसी क़िस्मत पा रक्खी है
Ambar
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उसे मुझ को अपना बनाने की ख़ातिर ज़मीं आसमाँ एक करना पड़ेगा
Ambar
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तमन्ना है जब भी मुलाक़ात हो तुम्हें मुस्कुराता ही देखा करूँँ
Ambar
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उन सेे जा के कर न लेना दोस्ती इक हादसा है मत करो तुम कहना मानो दिल-लगी इक हादसा है
Ambar
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