मेरा जीवन भी मरण भी राम हैं और आख़िर में शरण भी राम हैं
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माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख
Allama Iqbal
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
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जीवन को गुलज़ार करें क्या क्या कहती हो प्यार करें क्या तुम को चूमा ग़लती कर दी ग़लती फिर इक बार करें क्या
Alankrat Srivastava
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बस ज़रा देर को बाग़ में बैठी वो पेड़ पौधे भी ग़ज़लें सुनाने लगे फूल भी ख़ास भाते न थे हम को पर साथ तुम थी तो काँटे सुहाने लगे
Alankrat Srivastava
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ज़िन्दगी की उलझनों की फ़िक्र करना छोड़ कर हम तेरी ज़ुल्फों में उलझने की तमन्ना कर रहे हैं
Alankrat Srivastava
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लाख दुनिया की नज़र में हम बुरे बन जाएँ लेकिन अपनी माँ के आँख के तो हम सितारे ही रहेंगे
Alankrat Srivastava
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उन्हें दरिया कभी चंदा कभी संसार दिखता है, मैं आशिक़ हूँ मुझे आँखों में केवल प्यार दिखता है।
Alankrat Srivastava
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