मेरे दिल मान जा तू मुझ सेे यूँँ रूठा न कर हर बार वो जो तुझ को मनाता था वो कब का जा चुका है यार
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मत पूछ कि क्या हाल है मेरा तेरे पीछे तू देख कि क्या रंग है तेरा, मेरे आगे
Mirza Ghalib
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तू किसी और ही दुनिया में मिली थी मुझ सेे तू किसी और ही मौसम की महक लाई थी डर रहा था कि कहीं ज़ख़्म न भर जाएँ मेरे और तू मुट्ठियाँ भर-भर के नमक लाई थी
Tehzeeb Hafi
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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वो तेरे ख़ातिर जो सपना देखा था 'ब्रज' अब वो कोई और पूरा कर रहा है
Brajnabh Pandey
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नाज़ तू ने सब उठाए मेरे ख़ातिर काश करता कुछ मैं भी जाँ तेरे ख़ातिर उम्र भर मरता रहा इक बूँद पर मैं और समुंदर भी था प्यासा मेरे ख़ातिर
Brajnabh Pandey
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वो पूछते हैं क्या मुहब्बत से मिला मैं कहता हूँ सब कुछ गँवाने का हुनर
Brajnabh Pandey
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मुहब्बत उस को पल-भर तो हुई होगी यूँँ कोई शख़्स तो पागल नहीं होता
Brajnabh Pandey
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मैं ने बस एक बोसा चाहा था उस से वो शख़्स आया मगर मेरी क़ज़ा के बा'द
Brajnabh Pandey
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