मेरी हयात के सब से हसीन दिन हैं ये मैं उम्र-ए-ख़िज़्र भी क़ुर्बान इस पे कर दूँगा
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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मंज़िलें क्या हैं, रास्ता क्या है हौसला हो तो फ़ासला क्या है
Aalok Shrivastav
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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ये क़ैफियत है कि जब मेरा यार आँख में है गुलों का रंग, फिज़ां की बहार आँख में है
Sumit Panchal
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रास आई न वो ख़ुशी मुझ को जिस ने हर ग़म को मुझ से दूर किया
Sumit Panchal
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ये फ़रेब-ए-हयात है गोया जिस को हम सब हयात कहते हैं
Sumit Panchal
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वा किसी दम मैं अपने लब करता सामने उस के ऐसा कब करता ला दवा था मरज़ मेरा फिर मैं किस से चारागरी तलब करता
Sumit Panchal
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यही सबब है कि हम हिज्र से हैं अफ़्सुर्दा हर एक हिज्र से पैदा विसाल होता नहीं
Sumit Panchal
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