मेरी ख़्वाहिश है कि तुझे फूलों से फतह करूँ वरना ये काम तो तलवार भी कर सकती है
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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मैं जब मर जाऊँ तो मेरी अलग पहचान लिख देना लहू से मेरी पेशानी पे हिंदुस्तान लिख देना
Rahat Indori
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मैं क्या कहूँ के मुझे सब्र क्यूँँ नहीं आता मैं क्या करूँँ के तुझे देखने की आदत है
Ahmad Faraz
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मेरी तन्हाई देखेंगे तो हैरत ही करेंगे लोग मोहब्बत छोड़ देंगे या मोहब्बत ही करेंगे लोग
Ismail Raaz
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ग़म-ए-फ़ुर्क़त का शिकवा करने वाली मेरी मौजूदगी में सो रही है
Jaun Elia
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मुझे लगा था वो टूटे फूलों का ग़म करेगा और उस ने ताज़ा उठा लिए हैं ख़राब रख कर
Azhar Faragh
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उसे कहो जो बुलाता है गहरे पानी में किनारे से बँधी कश्ती का मसअला समझे
Azhar Faragh
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न भी चमके तो कोई बात नहीं तू तो वैसे ही सितारा है मुझे
Azhar Faragh
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ये नहीं देखते कितनी है रियाज़त किस की लोग आसान समझ लेते हैं आसानी को
Azhar Faragh
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मेरे बस में नहीं इलाज उस का ज़ख़्म देखा है मैं ने आज उस का जितना आगे का आदमी है वो रद न कर दे उसे समाज उस का
Azhar Faragh
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