मिल गए थे एक बार उस के जो मेरे लब से लब उम्र भर होंटों पे अपने मैं ज़बाँ फेरा किया
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उस को फ़ुर्सत नहीं मिलती कि पलट कर देखे हम ही दीवाने हैं दीवाने बने रहते हैं
Waseem Barelvi
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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बड़े नादान हो तुम भी ज़रा समझा करो बातें गले मिल कर जो रोती है बिछड़ कर कितना रोएगी
Ankita Singh
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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लब-ए-ख़याल से उस लब का जो लिया बोसा तो मुँह ही मुँह में अजब तरह का मज़ा आया
Jurat Qalandar Bakhsh
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सभी इन'आम नित पाते हैं ऐ शीरीं-दहन तुझ से कभू तू एक बोसे से हमारा मुँह भी मीठा कर
Jurat Qalandar Bakhsh
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रखे है लज़्ज़त-ए-बोसा से मुझ को गर महरूम तो अपने तू भी न होंटों तलक ज़बाँ पहुँचा
Jurat Qalandar Bakhsh
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