sherKuch Alfaaz

मिलन मुमकिन बनाने की जुगत कुछ तो बताएँ आप अकेले किस क़दर भीगूँ मैं सावन भर चले आते

Related Sher

कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ

Ali Zaryoun

521 likes

हम हैं ना! ये जो मुझ सेे कहते हैं ख़ुद किसी और के भरोसे हैं ज़िंदगी के लिए बताओ कुछ ख़ुद-कुशी के तो सौ तरीक़े हैं

Vikram Gaur Vairagi

94 likes

शतक बनाने को बस एक रन बनाना है वो दोस्त बन गई है अब दुल्हन बनाना है

Charagh Sharma

93 likes

दौलत शोहरत बीवी बच्चे अच्छा घर और अच्छे दोस्त कुछ तो है जो इन के बा'द भी हासिल करना बाक़ी है कभी-कभी तो दिल करता है चलती रेल से कूद पड़ूॅं फिर कहता हूँ पागल अब तो थोड़ा रस्ता बाक़ी है

Zia Mazkoor

91 likes

कुछ तो मजबूरियाँ रही होंगी यूँँ कोई बे-वफ़ा नहीं होता

Bashir Badr

85 likes

Similar Writers

View All ›

Our suggestions based on Nityanand Vajpayee.

Similar Moods

View All ›

More moods that pair well with Nityanand Vajpayee's sher.