मिलना था इत्तिफ़ाक़ बिछड़ना नसीब था वो उतनी दूर हो गया जितना क़रीब था
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गले मिलना न मिलना तो तेरी मर्ज़ी है लेकिन तेरे चेहरे से लगता है तेरा दिल कर रहा है
Tehzeeb Hafi
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ये दुख अलग है कि उस सेे मैं दूर हो रहा हूँ ये ग़म जुदा है वो ख़ुद मुझे दूर कर रहा है तेरे बिछड़ने पर लिख रहा हूँ मैं ताज़ा ग़ज़लें ये तेरा ग़म है जो मुझ को मशहूर कर रहा है
Tehzeeb Hafi
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तू दिल पे बोझ ले के मुलाक़ात को न आ मिलना है इस तरह तो बिछड़ना क़ुबूल है
Unknown
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मिलना तो ख़ैर उस को नसीबों की बात है देखे हुए भी उस को ज़माना गुज़र गया
Adeem Hashmi
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उस वक़्त भी अक्सर तुझे हम ढूँढ़ने निकले जिस धूप में मज़दूर भी छत पर नहीं जाते
Munawwar Rana
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'अंजुम' तुम्हारा शहर जिधर है उसी तरफ़ इक रेल जा रही थी कि तुम याद आ गए
Anjum Rehbar
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तुम को भुला रही थी कि तुम याद आ गए मैं ज़हर खा रही थी कि तुम याद आ गए
Anjum Rehbar
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मोहब्बतों का सलीक़ा सीखा दिया मैं ने तेरे बग़ैर भी जी कर दिखा दिया मैं ने
Anjum Rehbar
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माँ मुझे देख के नाराज़ न हो जाए कहीं सर पे आँचल नहीं होता है तो डर होता है
Anjum Rehbar
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जान भी अब दिल पे वारी जाएगी ये बला सर से उतारी जाएगी एक पल तुझ बिन गुज़रना है कठिन ज़िन्दगी कैसे गुज़ारी जाएगी
Anjum Rehbar
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