मिट जाएँगे वो ख़ुद ही देखेगा ज़माना ये हैं लोग कमरबस्ता जो हम को मिटाने में
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है
Allama Iqbal
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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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ज़ुल्म जो करते हैं ये ज़ेहन में रख लें अपने वक़्त ये अपने को हर-हाल में दोहराता है
NEERAJ SAINI
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पलों का बीतना दस्तूर है ये कम भी होते हैं ख़ुशी में खिल रहे चेहरे के पीछे ग़म भी होते हैं
NEERAJ SAINI
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जब वज़्न बढ़ गया तो बिखरना है लाज़मी इन काले बादलों का बरसना है लाज़मी
NEERAJ SAINI
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उस के जाने से हुआ नुक़सान है ख़ुद गया मेरा सहारा ले गया
NEERAJ SAINI
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नाम से फ़ाइदा नहीं कोई ज़िंदगी मर के ही गुज़ारी है
NEERAJ SAINI
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