मुहब्बत दीजियेगा आख़िरी में मैं मरते वक़्त मौला लिख रहा हूँ
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख
Allama Iqbal
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वो लड़ कर भी सो जाए तो उस का माथा चूमूँ मैं उस से मोहब्बत एक तरफ़ है उस से झगड़ा एक तरफ़
Varun Anand
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अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
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वो मान रहा है गर सारी बातें तो ताजे इश्क़ में इतना चलता है
Prashant Sitapuri
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ये ग़म है तेरे ना होते हुए भी मुस्कुराना है हवा भी साथ रखनी है दियों को भी जलाना है
Prashant Sitapuri
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पहला सितम शफ़ा की दवा एक शख़्स था दूजा सितम है ये कि दवा कुछ न कर सकी
Prashant Sitapuri
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आप के साथ रहा जो भी रहा लुत्फ़ ए हयात आप के बा'द तो मुश्किल से गुज़ारी ही गई
Prashant Sitapuri
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तुम्हें कुछ दे नहीं सकता मगर फिर भी फ़कीरी में निकलती है दुआ मुझ सेे
Prashant Sitapuri
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