मुहय्या सब है अब अस्बाब-ए-होली उठो यारो भरो रंगों से झोली
sherKuch Alfaaz
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यारो कुछ तो ज़िक्र करो तुम उस की क़यामत बाँहों का वो जो सिमटते होंगे उन में वो तो मर जाते होंगे
Jaun Elia
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मुझे छोड़ दे मेरे हाल पर तिरा क्या भरोसा है चारा-गर ये तिरी नवाज़िश-ए-मुख़्तसर मेरा दर्द और बढ़ा न दे
Shakeel Badayuni
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गुमशुदगी ही अस्ल में यारो राह-नुमाई करती है राह दिखाने वाले पहले बरसों राह भटकते हैं
Hafeez Banarasi
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उठो अब कोई नहीं तुम को मनाने वाला एक मुद्दत से यूँँ ही ख़ुदस लगे बैठे हो
Rauf Raza
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उसे भी धोका मिलेगा यक़ीन है मुझ को भरोसा वो भी किसी पर तो कर रहा होगा
Aqib Jawed
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