मुझ पे यूँँ ऐतिबार क्यूँ था कहो आप को मुझ से प्यार क्यूँ था कहो दिल मुहल्ले में उम्र ढलने तक किसी का इंतिजा़र क्यूँ था कहो
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
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क्या ख़बर कौन था वो, और मेरा क्या लगता था जिस सेे मिल कर मुझे, हर शख़्स बुरा लगता था
Tehzeeb Hafi
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कोई इतना प्यारा कैसे हो सकता है फिर सारे का सारा कैसे हो सकता है तुझ सेे जब मिल कर भी उदासी कम नहीं होती तेरे बग़ैर गुज़ारा कैसे हो सकता है
Jawwad Sheikh
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वतन का दुलारा गया आसमाँ को कि कितनों का प्यारा गया आसमाँ को ज़मीं ने सितारे लुटाए फ़लक पे ज़मीं से सँवारा गया आसमाँ को
Chandan Sharma
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सुख़न को थी देनी हमें रौशनी बदन हम को ख़ुद का जलाना हुआ
Chandan Sharma
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ज़िंदगी बे-ख़बर रही मुझ से ऐसे की ज़िंदगी बसर मैं ने अपने अंदर तुझे बसाया और ढूँढ़ा फिर ख़ुद को दर-ब-दर मैं ने
Chandan Sharma
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मरने से पहले मर गए होंगे शब से पहले जो घर गए होंगे
Chandan Sharma
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किसी और के निगाहों की बनी है नूर जो तू मिरी नज़रों में तुझ को ये ज़माना ढूँढ़ता है
Chandan Sharma
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