मुझ सेे हर शख़्स रूठ जाता है मेरा होना भी मसअला है इक
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कौन तुम्हारे पास से उठ कर घर जाता है तुम जिस को छू लेती हो वो मर जाता है
Tehzeeb Hafi
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मेरे नाम से क्या मतलब है तुम्हें मिट जाएगा या रह जाता है जब तुम ने ही साथ नहीं रहना फिर पीछे क्या रह जाता है मेरे पास आने तक और किसी की याद उसे खा जाती है वो मुझ तक कम ही पहुँचता है किसी और जगह रह जाता है
Tehzeeb Hafi
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ये फ़िल्मों में ही सब को प्यार मिल जाता है आख़िर में मगर सचमुच में इस दुनिया में ऐसा कुछ नहीं होता चलो माना कि मेरा दिल मेरे महबूब का घर है पर उस के पीछे उस के घर में क्या-क्या कुछ नहीं होता
Tehzeeb Hafi
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मुझे आज़ाद कर दो एक दिन सब सच बता कर तुम्हारे और उस के दरमियाँ क्या चल रहा है
Tehzeeb Hafi
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और फिर एक दिन बैठे बैठे मुझे अपनी दुनिया बुरी लग गई जिस को आबाद करते हुए मेरे मां-बाप की ज़िंदगी लग गई
Tehzeeb Hafi
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वैसे वो इक फूल है मुझ को भाता है पर ग़ुस्से में पत्थर का हो जाता है
Vishal Singh Tabish
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भूल जाना नहीं रहा ताबिश वो दीवाना नहीं रहा ताबिश ज़िंदगी का सुलूक मेरे साथ दोस्ताना नहीं रहा ताबिश हम की हंसते हैं क्योंकि रोने को कोई शाना नहीं रहा ताबिश
Vishal Singh Tabish
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कहानी में तुम्हारे ज़िक्र भर से मेरा किरदार हल्का हो रहा है
Vishal Singh Tabish
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मेरा किरदार मेरी बात कहाँ सुनता है, ये समझदार मेरी बात कहाँ सुनता है इश्क़ है वा'दा फ़रामोश नहीं है कोई, दिल तलबग़ार मेरी बात कहाँ सुनता है
Vishal Singh Tabish
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दोस्त मेरा ये मानना है एक एक हम-सब हैं और ख़ुदा है एक मुझ सेे हर शख़्स रुठ जाता है मेरा होना भी मसअला है एक
Vishal Singh Tabish
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