भूल जाना नहीं रहा ताबिश वो दीवाना नहीं रहा ताबिश

Writer
Vishal Singh Tabish
@vishalsinghtabish
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Nazm
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sherKuch Alfaaz
sherKuch Alfaaz
वैसे वो इक फूल है मुझ को भाता है पर ग़ुस्से में पत्थर का हो जाता है
sherKuch Alfaaz
कहानी में तुम्हारे ज़िक्र भर से मेरा किरदार हल्का हो रहा है
sherKuch Alfaaz
दोस्त मेरा ये मानना है एक एक हम-सब हैं और ख़ुदा है एक
sherKuch Alfaaz
ये ज़माना ये दौर कुछ भी नहीं बस मोहब्बत है और कुछ भी नहीं
sherKuch Alfaaz
मेरा किरदार मेरी बात कहाँ सुनता है, ये समझदार मेरी बात कहाँ सुनता है
sherKuch Alfaaz
हम ने सोचा है इस के बारे में, कुछ मुनाफ़ा है इस खसारे में
sherKuch Alfaaz
तुम पर इक दिन मरते मरते मर जाना है, दीवाने को कहाँ ख़बर है घर जाना है
sherKuch Alfaaz
एक अजब सानेहा गुज़रा है मेरे माज़ी में मेरी दिलचस्पी ख़त्म हो गई है शादी में
sherKuch Alfaaz
तेरे ख़्वाब सँवर जाएँ तो बेहतर होगा अपना क्या है मर जाएँ तो बेहतर होगा
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