मुख़लिस रहे सख़ी भी रहे मोतबर रहे हर शख़्स की नज़र में मगर मुख़्तसर रहे उस ने बस एक बार में दीवाना कर दिया हम लाख कोशिशों के इवज़ बे-असर रहे
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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क्या ख़बर कौन था वो, और मेरा क्या लगता था जिस सेे मिल कर मुझे, हर शख़्स बुरा लगता था
Tehzeeb Hafi
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ख़ुशी से काँप रही थीं ये उँगलियाँ इतनी डिलीट हो गया इक शख़्स सेव करने में
Fahmi Badayuni
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कैसा मंज़र था उन की आँखों में इक समुंदर था उन की आँखों में
Hameed Sarwar Bahraichi
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हमारे ख़्वाब समुंदर में डूब जाते हैं सो अपने ख़्वाब में हम कश्तियाँ बनाते हैं
Hameed Sarwar Bahraichi
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याद बस याद ही नहीं रहती इस में भी तू यहीं कहीं रहती मैं तेरे पास भी नहीं रहता तू मगर दूर भी नहीं रहती
Hameed Sarwar Bahraichi
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जो भी जाता है वहाँ वो लौट कर आता नहीं या'नी कुछ तो मसअला है इश्क़ के बाज़ार में
Hameed Sarwar Bahraichi
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जो बिन माँगे मिल जाए वो है मुहब्बत ख़ुशामद करोगे तो ख़ैरात होगी
Hameed Sarwar Bahraichi
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