मुसलमानों हुसैनी हो मगर क्या जानते हो तुम ज़मीन-ए-करबला में हिंदुओं ने सर कटाए हैं
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ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है
Allama Iqbal
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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वो क़ातिल है उसे क़ातिल ही रहने दो कहीं आशिक़ हुआ तो क्या ग़ज़ब होगा
Jaypratap chauhan
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तुझ सेे मोहब्बत अब ख़ुदा-रा तो न हो जो क़त्ल हो तो फिर हमारा तो न हो
Jaypratap chauhan
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नशे में भूल जाता हूँ उसे साक़ी युहीं थोड़ी बुरी ये लत लगाई है
Jaypratap chauhan
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सभी ये पूछते हैं 'जय' कि तुम कैसे बने शाइ'र मिरे इक रात सपने में सुनो इक जौन आया था
Jaypratap chauhan
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ज़िंदगी से हार कर तुम ख़ुद-कुशी क्यूँ कर रही हो जो तुम्हारा है नहीं उस के लिए भी मर रही हो मानता हूँ तोड़कर कोई तुम्हारा दिल गया है तुम मुझे तो जानती हो क्यूँ भला फिर डर रही हो
Jaypratap chauhan
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