ज़िंदगी से हार कर तुम ख़ुद-कुशी क्यूँ कर रही हो जो तुम्हारा है नहीं उस के लिए भी मर रही हो मानता हूँ तोड़कर कोई तुम्हारा दिल गया है तुम मुझे तो जानती हो क्यूँ भला फिर डर रही हो
Related Sher
बड़े नादान हो तुम भी ज़रा समझा करो बातें गले मिल कर जो रोती है बिछड़ कर कितना रोएगी
Ankita Singh
211 likes
अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
221 likes
न करो बहस हार जाओगी हुस्न इतनी बड़ी दलील नहीं
Jaun Elia
265 likes
मैं ने जो कुछ भी सोचा हुआ है, मैं वो वक़्त आने पे कर जाऊँगा तुम मुझे ज़हर लगते हो और मैं किसी दिन तुम्हें पी के मर जाऊँगा
Tehzeeb Hafi
285 likes
भरम रखा है तेरे हिज्र का वरना क्या होता है मैं रोने पे आ जाऊँ तो झरना क्या होता है मेरा छोड़ो मैं नइँ थकता मेरा काम यही है लेकिन तुम ने इतने प्यार का करना क्या होता है
Tehzeeb Hafi
272 likes
More from Jaypratap chauhan
तुझ सेे मोहब्बत अब ख़ुदा-रा तो न हो जो क़त्ल हो तो फिर हमारा तो न हो
Jaypratap chauhan
0 likes
मुसलमानों हुसैनी हो मगर क्या जानते हो तुम ज़मीन-ए-करबला में हिंदुओं ने सर कटाए हैं
Jaypratap chauhan
0 likes
सुनो ये लोग हैं जो इश्क़ के मारे ख़ुदा ऐसा करे सारे ही मर जाएँ जिसे भी हो परेशानी अगर मुझ से बताएँ और अपने अपने घर जाएँ
Jaypratap chauhan
0 likes
वो क़ातिल है उसे क़ातिल ही रहने दो कहीं आशिक़ हुआ तो क्या ग़ज़ब होगा
Jaypratap chauhan
0 likes
किस दुकाँ पर बिक रही है ये मोहब्बत उस दुकाँ का मुझ को यारों तुम पता दो
Jaypratap chauhan
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Jaypratap chauhan.
Similar Moods
More moods that pair well with Jaypratap chauhan's sher.







