मुसलसल बढ़ रहा है फ़ासला अब कि मुझ में और अच्छे आदमी में
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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ज़माना ख़ुद को बदले या न बदले ये उसी पर है कही पर तुम किसी की यूँँ न अपने आप को बदलो
Sarvjeet Singh
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तू साथ है जब तक मिरे तब तक ही जीवन चाहिए तू चाँद से मेरे लिए मत उम्र लंबी माँगना
Sarvjeet Singh
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ज़िन्दगी आसान है पर लोग हैं मुश्किल बहुत ही
Sarvjeet Singh
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मुझे भी आज ही फ़ुर्सत मिली थी इस ज़माने से तुझे भी आज ही कोई ज़रूरी काम पड़ना था
Sarvjeet Singh
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ये शे'र जो मैं लिख रहा हूँ कौन पूछेगा इसे ये शे'र जो तुम पढ़ रही हो हर ज़बाँ पर होगा अब
Sarvjeet Singh
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