मुझे भी आज ही फ़ुर्सत मिली थी इस ज़माने से तुझे भी आज ही कोई ज़रूरी काम पड़ना था
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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कोई इतना प्यारा कैसे हो सकता है फिर सारे का सारा कैसे हो सकता है तुझ सेे जब मिल कर भी उदासी कम नहीं होती तेरे बग़ैर गुज़ारा कैसे हो सकता है
Jawwad Sheikh
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तुम्हारी याद आने पर तुम्हारा नाम लिखता हूँ तुम्हारा नाम लिखने पर तुम्हारी याद आती है
Sarvjeet Singh
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ज़िन्दगी आसान है पर लोग हैं मुश्किल बहुत ही
Sarvjeet Singh
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ये शे'र जो मैं लिख रहा हूँ कौन पूछेगा इसे ये शे'र जो तुम पढ़ रही हो हर ज़बाँ पर होगा अब
Sarvjeet Singh
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सारी रात ही ये चैन से सोने नहीं देती तेरी याद जैसे मान लो नौ-ज़ाइदा बच्ची
Sarvjeet Singh
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सर्व तुम्हारी आँखों में वो पढ़ नईं पाई प्यार कभी और तुम ये कहते थे उस को पढ़ना लिखना आता है
Sarvjeet Singh
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