सर्व तुम्हारी आँखों में वो पढ़ नईं पाई प्यार कभी और तुम ये कहते थे उस को पढ़ना लिखना आता है
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
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ज़िन्दगी आसान है पर लोग हैं मुश्किल बहुत ही
Sarvjeet Singh
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ये शे'र जो मैं लिख रहा हूँ कौन पूछेगा इसे ये शे'र जो तुम पढ़ रही हो हर ज़बाँ पर होगा अब
Sarvjeet Singh
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ये जो इतने ख़ुश दिखते हैं सच में ये इतने ख़ुश हैं क्या
Sarvjeet Singh
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मुझे भी आज ही फ़ुर्सत मिली थी इस ज़माने से तुझे भी आज ही कोई ज़रूरी काम पड़ना था
Sarvjeet Singh
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उसे इस बात का डर है कहीं कुछ छूट जाएगा मुझे इस बात का डर है कहीं सब कुछ न मिल जाए
Sarvjeet Singh
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