मुसीबत में जो हो साथी यही पहचान अपनों की
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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ज़िंदगी तो बात है ऐसी अनोखी जानना ही गूढ़ होता जा रहा है
Vikalp Mishra Anuj
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मुझे कुछ पूछने में तुम सेे डर लगता पता क्या प्रश्न पर ही प्रश्न हो जाए
Vikalp Mishra Anuj
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मिरे सब यार शाइ'र हैं ज़बाँ पे बात ग़ज़लों की गरीबों को मिले रोटी नहीं है चाह महलों की
Vikalp Mishra Anuj
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सिर्फ़ इक ही बात जो सच है जहाँ में कर के आती यार है वो भी बहाना
Vikalp Mishra Anuj
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बोलना कम मुझ को भाता जा रहा है इस सेे मेरा दिन भी अच्छा जा रहा है
Vikalp Mishra Anuj
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