बोलना कम मुझ को भाता जा रहा है इस सेे मेरा दिन भी अच्छा जा रहा है
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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ये दुख अलग है कि उस सेे मैं दूर हो रहा हूँ ये ग़म जुदा है वो ख़ुद मुझे दूर कर रहा है तेरे बिछड़ने पर लिख रहा हूँ मैं ताज़ा ग़ज़लें ये तेरा ग़म है जो मुझ को मशहूर कर रहा है
Tehzeeb Hafi
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ज़िंदगी तो बात है ऐसी अनोखी जानना ही गूढ़ होता जा रहा है
Vikalp Mishra Anuj
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मुसीबत में जो हो साथी यही पहचान अपनों की
Vikalp Mishra Anuj
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मिरे सब यार शाइ'र हैं ज़बाँ पे बात ग़ज़लों की गरीबों को मिले रोटी नहीं है चाह महलों की
Vikalp Mishra Anuj
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सिर्फ़ इक ही बात जो सच है जहाँ में कर के आती यार है वो भी बहाना
Vikalp Mishra Anuj
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आ रही हैं मुझ में तेरी आदतें अब आ गया है मुझ को भी बातें बनाना
Vikalp Mishra Anuj
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