नए रस्ते से गुज़रे इस दफा हम सो फिर इक बार फिसले इस दफा हम
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उस लड़की से बस अब इतना रिश्ता है मिल जाए तो बात वगैरा करती है बारिश मेरे रब की ऐसी नेमत है रोने में आसानी पैदा करती है
Tehzeeb Hafi
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झेला है मैं ने तीन सौ पैंसठ दुखों का साल चाहो तो पिछले बारह महीनों से पूछ लो
Rehman Faris
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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मैं उस से ये तो नहीं कह रहा जुदा न करे मगर वो कर नहीं सकता तो फिर कहा न करे वो जैसे छोड़ गया था मुझे उसे भी कभी ख़ुदा करे कि कोई छोड़ दे ख़ुदा न करे
Tehzeeb Hafi
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हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
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ये तू किस दुश्मनी की दिल में कसक लाया है ज़ख़्म भरने के लिए यार नमक लाया है
Rovej sheikh
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तसव्वुर था उसे ख़ुद की मुकम्मल सी ग़ज़ल कहता नदामत है कि वो दुल्हन किसी की बन चुकी होगी
Rovej sheikh
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तन्हा कमरे में सदा बैठ के रोने का मज़ा हम ग़रीबों के सिवा कौन समझ सकता है
Rovej sheikh
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ख़ुद से मैं ने यूँँ तो सब को निकाल फेंका पर एक शख़्स तो अब भी उस की जैसी है मुझ में
Rovej sheikh
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न जाने मुझ को तेरे बा'द दोस्त ये हो क्या रहा तिरे लिए लिखा हुआ मैं ग़ैर को सुना रहा
Rovej sheikh
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