पास जब तक वो रहे दर्द थमा रहता है फैलता जाता है फिर आँख के काजल की तरह
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कौन तुम्हारे पास से उठ कर घर जाता है तुम जिस को छू लेती हो वो मर जाता है
Tehzeeb Hafi
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ये वो क़बीला है जो हुस्न को ख़ुदा माने यहाँ पे कौन तेरी बात का बुरा माने इशारा कर दिया है आप की तरफ़ मैं ने ये बच्चे पूछ रहे थे कि बे-वफ़ा माने
Kushal Dauneria
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वो मुझ को छोड़ के जिस आदमी के पास गया बराबरी का भी होता तो सब्र आ जाता
Parveen Shakir
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हज़ार बर्क़ गिरे लाख आँधियाँ उट्ठें वो फूल खिल के रहेंगे जो खिलने वाले हैं
Sahir Ludhianvi
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वक़्त रहता नहीं कहीं टिक कर आदत इस की भी आदमी सी है
Gulzar
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उस से इक बार तो रूठूँ मैं उसी की मानिंद और मेरी तरह से वो मुझ को मनाने आए
Parveen Shakir
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मर भी जाऊँ तो कहाँ लोग भुला ही देंगे लफ़्ज़ मेरे मेरे होने की गवाही देंगे
Parveen Shakir
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कल रात जो ईंधन के लिए कट के गिरा है चिड़ियों को बहुत प्यार था उस बूढे शजर से
Parveen Shakir
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वो मुसाफ़िर ही खुली धूप का था साए फैला के शजर क्या करते
Parveen Shakir
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दुख तो ऐसा है कि दिल आँख से कट कट के बहे एक वा'दा है कि रोने नहीं देता मुझ को
Parveen Shakir
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